आयुष्यमान खुराना फिल्म Article 15 को किया जनता ने पसंद

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विवेक तिवारी@MHR। समाज में फैली कुरीतियां, जातिगत भेदभाव और वर्ग भेद जैसी बुराइयों पर सिनेमा के माध्यम से कड़ा प्रहार किया था। समय के साथ-साथ यह प्रभाव खंडित होने लगा। बीच-बीच में इक्का-दुक्का फिल्में आ जाती थी मगर सही मायनों का समानांतर सिनेमा तकरीबन नहीं के बराबर रह गया था। उसी धारा को आगे बढ़ाते हुए अनुभव सिंहा आगे ले जाते हैं मगर उनका अपना अंदाज है। वह बात तो बुराइयों की ही करते हैं, उस पर प्रहार भी करते हैं मगर उनका अंदाज कमर्शियल है। उनके सिनेमा को हम कमर्शियल पैरेलल सिनेमा कह सकते हैं। शायद उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश पहुंचाना हो।

अभिनय की बात करें तो आयुष्यमान खुराना फिल्म दर फिल्म नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं। इस फिल्म में वे हमेशा की तरह किरदार को बेहतरीन तरीके से निभाया है जिस प्रकार एक मझा हुआ कलाकार निभाता है। फिल्म में ईशा तलवार, मनोज पाहवा, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अयूब ने भी अपने-अपने किरदार के साथ न्याय किया। आयुष्मान खुराना की यह फिल्म भी अच्छी है जिसे जरूर देखा जा सकता है।

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