अंतराष्ट्रीय स्तर पर कोटा में देश का पहला ‘महाकन्या पूजन समारोह’ आयोजित, सामाजिक संस्थाओं की अनूठी पहल

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एमएचआर @ कोटा | लाडली फाउंडेशन दिल्ली द्वारा सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट व कोशिश संस्था और यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया और वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड के साथ एक निजी पहल करते हुए 10 अगस्त को भारत के 60 शहरों और 17 अंतराष्ट्रीय शहरों में हिंदू संस्कृति के माध्यम से बेटियों का जन्म हुआ। । जन्म हुआ। की शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके सशक्तीकरण के लिए समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महाकन्या पूजन समारोह का आयोजन किया जाएगा | जिसका मुख्य उद्देश्य बेटी बचाओ- बेटी पढाओ अभियान को मजबूत करना है |

इस महा आयोजन के अंतर्गत कोटा जिले में भी कोटा बाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महात्मा गाँधी कॉलोनी में 108 बालिकाओं के पूजन के साथ विशाल कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसकी जिम्मेदारी संस्था के जिला संयोजक डॉ। निधि प्रजापति और जिला कोशिश संस्था के संचालक पंकज शर्मा को दी गई है | कोटा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों की उपस्तिथि में कन्या पूजन किया जाएगा जहां लगभग 108 कन्याओं का पूजन उनके चरण वंदन, पुष्प वर्षा से उन्हें शिक्षा और निजी स्वच्छता सामग्री उपहार स्वरुप दी जाएगी व उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और सहायक अवसर प्रदान करेंगे। करेंगे। प्रकृति एंड विल के संरक्षण के लिए हर बालिका को एक पौधा और श्रीफल भी भेट स्वरूप दि या जाएगा।

डॉ। निधि प्रजापति ने बताया की संस्था द्वारा इस कार्यक्रम को सामाजिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से देश के लगभग हर घर में बेटियों की शिक्षा व उन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया जा सके इस कारण तैयार किया गया हैं। कोटा में कन्यापूजन की व्यापक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर में पंकज शर्मा की मौजूदगी में बैठक हुई जिसमें विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मंजुला शर्मा, सचिव मालती, गायत्री शक्ति पीठ की संचालक यज्ञ दादा हाडा, विशाल क्षतेजा, कवि शर्मा, प्रतीक्षा शर्मा पुरुवासनी, संगीता पुरुस्वानी, आशुतोष शर्मा, संजय गोचर, दिव्य शर्मा शामिल थे |

निधी ने बताया की हम संस्था का उद्देश्य है कि प्रत्येक संपन्न परिवार नवरात्रों में मनाये जाने वाले कन्यापूजन के माध्यम से कम से कम 9 बेटियों का चयन कर उन्ही को 9 साल तक अपने घर बुलाकर उनका पूजन करे व भोजन के उपाध्याय उन्हें पैसे देकर विदा करते हुए के। लिए। इसके बजाय, उन्हें शिक्षा और निजी स्वच्छता सामग्री उपहार द्वारा उनकी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के लिए नई पहल करें और  बिना भेदभाव के समान अवसर प्रदान करें। समाज के लिए जागरूक करें

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