राजसमंद कि बेटी बनी मिस इंडिया, सुमन राव ने साबित किया हर महिला में सेल्फ कान्फीडेंस होना चाहिए

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विवेक तिवारी@MHR। राजस्थान के राजसमंद जिले के छोटे से गांव आईडाणा का नाम पिछले 24 घंटे में देशभर में प्रसिद्ध हो गया। इसकी पहचान बनाने में यहां की सुमन राव का अहम रोल है, जो इस साल मिस इंडिया चुनी गईं। सुमन के दादा-दादी बताते हैं कि सुमन ने साबित कर दिया कि बेटी-बेटा के बीच अंतर नहीं करना चाहिए। वह हमेशा से कहती आई हैं कि दोनों बराबर होते हैं। जितना मौका बेटे को देते हैं, उतने ही मौके बेटियों को दिए जाएं तो वह इसे साबित कर सकती हैं।
सुमन कहती है कि सफल होने के लिए पहले असफलता की सीढिय़ां चढ़नी पड़ती है। मेरे लिए सबसे खूबसूरत पल वो था जब मैंने नवी मुंबई की फर्स्ट रनरअप रही। मैं विनर नहीं बन पाई क्‍योंकि सवालों के जवाब देने का ढंग प्रभावशाली नहीं था। तब मैंने खुद की कमियों को पहचाना और पाया कि मेरे चलने, बोलने ढंग में सुधार की गुंजाइश है। मैंने एक साल तक खुद पर वर्कआउट किया। मेरे बारे में ये ही रूमर्स फैलाया जाता है कि बहुत एटीट्यूड है। जबकि मेरा मनाना है कि हर महिला में सेल्फ कान्फीडेंस होना चाहिए। कभी गिव अप नहीं करना चाहिए। वे कहती हैं कि वो जीवन में उन चीजों को करने की भी हिम्मत रखती हैं जिन्हें लोग अनिश्चित मानते हैं। सुमन जीवन में सबसे ज्यादा प्रभावित अपने माता-पिता से हैं।
मुंबई में पिता रतनसिंह राव और मां सुशीला राव के साथ रह रही सुमन के दादा तेजसिंह, दादी मानकंवर, चाचा विजयसिंह, जितेंद्रसिंह, चिरागसिंह और चाची मंजू कंवर राजसमंद जिले में आमेट तहसील के गांव आईडाणा में रहते हैं। एक हजार से कम आबादी वाले इस गांव की बिटिया आगे चलकर मिस इंडिया बनेगी किसी ने नहीं सोचा था।

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